भारत में सेकेंड-हैंड कार और टू-व्हीलर का बाजार नई गाड़ियों से भी तेजी से बढ़ रहा है। अक्सर लोग पुरानी गाड़ी बेचते समय खरीदार से पैसे लेकर और एक साधारण स्टाम्प पेपर पर 'सेल लेटर' या डिलीवरी नोट लिखवाकर मान लेते हैं कि उनकी जिम्मेदारी खत्म हो गई। लेकिन कानून की नजर में जब तक आरटीओ (RTO) के रिकॉर्ड में वाहन के पंजीकरण प्रमाण पत्र (RC - Registration Certificate) पर नए मालिक का नाम दर्ज नहीं हो जाता, तब तक उस वाहन से होने वाले किसी भी सड़क हादसे, पुलिस केस या ट्रैफिक चालान के लिए पुराना मालिक ही जिम्मेदार माना जाता है। इसलिए गाड़ी खरीदते या बेचते समय तुरंत ऑनलाइन आरसी ट्रांसफर कराना सबसे जरूरी कदम है। साथ ही पुरानी गाड़ी लेते ही उसका कार या बाइक इंश्योरेंस अपने नाम ट्रांसफर कराएं और जैसे ही नई आरसी जनरेट हो, उसे तुरंत अपने मोबाइल में डिजिलॉकर से डिजिटल आरसी डाउनलोड करके सुरक्षित रख लें。

1. आरसी ट्रांसफर के लिए जरूरी फॉर्म और दस्तावेज परिवहन विभाग में स्वामित्व हस्तांतरण (Transfer of Ownership) के लिए निम्नलिखित दस्तावेज अनिवार्य हैं:

- फॉर्म 29 (Form 29 - Notice of Transfer of Ownership): इसकी दो प्रतियां लगती हैं, जिसमें विक्रेता आरटीओ को सूचित करता है कि उसने वाहन बेच दिया है। - फॉर्म 30 (Form 30 - Application for Intimation and Transfer): इसमें खरीदार और विक्रेता दोनों के हस्ताक्षर होते हैं। - वाहन की मूल आरसी (Original Smart Card RC)। - वैध वाहन बीमा पॉलिसी (Valid Insurance Certificate) और प्रदूषण नियंत्रण प्रमाण पत्र (PUC Certificate)। - चेसिस और इंजन नंबर का पेंसिल प्रिंट (Pencil Print of Chassis Number)। - खरीदार और विक्रेता दोनों का आधार कार्ड, पैन कार्ड (कार के मामले में) और पासपोर्ट साइज फोटो। - बैंक एनओसी और फॉर्म 35 (यदि गाड़ी लोन पर थी): पहले बैंक से लोन क्लोजर एनओसी लेकर आरसी से हाइपोथिकेशन (HP Termination) हटवाना होगा।

2. दूसरे आरटीओ या दूसरे राज्य में गाड़ी बेचने पर एनओसी (Form 28) - एक ही राज्य के भीतर: आधार ई-केवाईसी के माध्यम से अब एक ही राज्य के किसी भी जिले में बिना एनओसी के सीधे ऑनलाइन ट्रांसफर हो जाता है। - दूसरे राज्य में वाहन ले जाने पर (Inter-State Transfer): पहले मूल आरटीओ से फॉर्म 28 भरकर नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट (NOC) लेना होगा, और यह प्रमाणित कराना होगा कि गाड़ी पर कोई पुलिस क्राइम रिकॉर्ड या बकाया टैक्स नहीं है।

3. Parivahan पोर्टल पर ऑनलाइन आरसी ट्रांसफर कैसे करें? (Step-by-Step) 1. सड़क परिवहन मंत्रालय के आधिकारिक पोर्टल parivahan.gov.in पर जाएं। 2. 'Online Services' में जाकर 'Vehicle Related Services' चुनें और अपना राज्य सिलेक्ट करें। 3. अपनी गाड़ी का रजिस्ट्रेशन नंबर और चेसिस नंबर के अंतिम 5 अंक डालकर 'Proceed' पर क्लिक करें। 4. 'Transfer of Ownership' विकल्प का चयन करें। 5. यदि आपका राज्य 'Faceless / Aadhaar Authentication' सेवा देता है, तो विक्रेता और खरीदार दोनों के आधार से जुड़े मोबाइल नंबर पर आने वाले ओटीपी से सत्यापन करें। 6. नए मालिक (Buyer) का पूरा नाम, पिता का नाम और वर्तमान पता दर्ज करें। 7. ऑनलाइन सरकारी फीस जमा करें: - टू-व्हीलर (बाइक/स्कूटर) आरसी ट्रांसफर फीस: लगभग 300 से 350 रुपये (स्मार्ट कार्ड शुल्क सहित)। - फोर-व्हीलर (प्राइवेट कार) आरसी ट्रांसफर फीस: लगभग 500 से 750 रुपये। 8. फॉर्म 29, फॉर्म 30 और दस्तावेजों की स्कैन कॉपी अपलोड करके ई-साइन करें।

4. क्या आरटीओ कार्यालय जाना पड़ेगा? जिन राज्यों में आधार आधारित फेसलेस सेवा लागू है, वहां दस्तावेज ऑनलाइन अपलोड करने के बाद आरटीओ जाने की जरूरत नहीं पड़ती; केवल पुरानी मूल आरसी स्पीड पोस्ट से आरटीओ भेजनी होती है। अन्य राज्यों में ऑनलाइन रसीद और मूल दस्तावेज लेकर एक बार आरटीओ काउंटर पर वेरिफिकेशन कराना होता है, जिसके 15 से 20 दिनों के भीतर नई आरसी स्पीड पोस्ट से नए मालिक के घर पहुंच जाती है।