भारतीय सड़कों पर बढ़ती वाहनों की संख्या और तेज रफ्तार के कारण किसी भी समय छोटी या बड़ी सड़क दुर्घटना का अंदेशा बना रहता है। जब भी नई कार खरीदी जाती है, तो हम व्यापक बीमा (Comprehensive Motor Insurance) जरूर लेते हैं, लेकिन असली परीक्षा तब होती है जब अचानक गाड़ी क्षतिग्रस्त हो जाती है और हमें क्लेम फाइल करना पड़ता है। उचित प्रक्रिया की जानकारी न होने के कारण अक्सर बीमा कंपनियां छोटे-छोटे तकनीकी बहानों से क्लेम रिजेक्ट कर देती हैं या क्लेम राशि में भारी कटौती कर देती हैं। यदि आप भी अपनी गाड़ी को सुरक्षित रखना चाहते हैं, तो समय पर कार इंश्योरेंस ऑनलाइन रिन्यूअल और एनसीबी ट्रांसफर कराएं और सड़क पर भारी जुर्माने से बचने के लिए ट्रैफिक ई-चालान स्टेटस चेक करके हमेशा सतर्क रहें。

1. दुर्घटना के तुरंत बाद क्या करें? (Golden Hour Protocol) हादसे के पहले 30 मिनट बेहद महत्वपूर्ण होते हैं:

- साइट की फोटोग्राफी: गाड़ी को टो करने या ले जाने से पहले घटनास्थल पर गाड़ी की टक्कर, डेंट, टूटे हुए हिस्से और सड़क की स्पष्ट तस्वीरें और 360-डिग्री वीडियो बनाएं। - बीमा कंपनी को सूचना दें: अपनी बीमा कंपनी के टोल-फ्री नंबर या मोबाइल ऐप पर तुरंत दुर्घटना की सूचना (Intimation) दें। अधिकांश कंपनियां 24 से 48 घंटे के भीतर इंटिमेशन मांगती हैं। - क्या एफआईआर (FIR) जरूरी है? - यदि केवल आपकी गाड़ी को नुकसान हुआ है (Own Damage), तो एफआईआर की आवश्यकता नहीं होती। - यदि किसी तीसरे व्यक्ति को चोट लगी है, किसी अन्य वाहन का नुकसान हुआ है (Third Party Claim) या गाड़ी चोरी हुई है, तो नजदीकी पुलिस स्टेशन में तुरंत एफआईआर दर्ज कराना कानूनी रूप से अनिवार्य है।

2. कैशलेस क्लेम बनाम रीइंबर्समेंट क्लेम - कैशलेस क्लेम (Cashless Claim): सबसे सुविधाजनक तरीका। अपनी बीमा कंपनी के अधिकृत नेटवर्क गैरेज (Network Garage) में गाड़ी ले जाएं। बीमा कंपनी का सर्वेयर वहीं जाकर निरीक्षण करेगा और मरम्मत की मंजूरी देगा। काम पूरा होने पर आपको केवल अनिवार्य कटौती (Compulsory Deductible - लगभग 1,000 रुपये) देनी होगी, बाकी बिल बीमा कंपनी सीधे गैरेज को चुकाएगी। - रीइंबर्समेंट क्लेम (Reimbursement Claim): यदि आप गैर-नेटवर्क गैरेज में मरम्मत कराते हैं, तो पहले पूरा बिल अपनी जेब से भरना होगा, जिसके बाद सभी मूल इनवॉइस, पेमेंट रसीदें और पुराने बदले गए पार्ट्स बीमा कंपनी को जमा करने पर पैसा बैंक खाते में वापस मिलता है।

3. क्लेम के लिए आवश्यक दस्तावेजों की चेकलिस्ट गैरेज में सर्वेयर को निम्नलिखित दस्तावेजों की स्पष्ट प्रतियां जमा करनी होती हैं:

1. विधिवत भरा और हस्ताक्षरित मोटर क्लेम फॉर्म। 2. वाहन की आरसी (Registration Certificate) की कॉपी। 3. दुर्घटना के समय गाड़ी चला रहे व्यक्ति का वैध ड्राइविंग लाइसेंस (Driving Licence)। 4. मौजूदा कार इंश्योरेंस पॉलिसी की कॉपी। 5. पुलिस एफआईआर कॉपी (यदि लागू हो)। 6. क्लेम इंटिमेशन नंबर जो कस्टमर केयर से मिला है।

4. इन 4 कारणों से क्लेम रिजेक्ट होता है, सावधान रहें 1. शराब पीकर गाड़ी चलाना: मेडिकल जांच में अल्कोहल की पुष्टि होने पर बीमा कंपनी एक रुपया भी नहीं देती। 2. अमान्य या एक्सपायर्ड ड्राइविंग लाइसेंस: यदि चालक के पास वैध लाइसेंस नहीं था, तो क्लेम तुरंत खारिज हो जाएगा। 3. दुर्घटना के बाद गाड़ी को स्टार्ट करके चलाना: यदि रेडिएटर फटने के बाद भी गाड़ी चलाई गई और इंजन सीज हो गया, तो इसे 'कंसिक्वेंशियल लॉस' मानकर इंजन क्लेम खारिज कर दिया जाता है। 4. वाणिज्यिक उपयोग: निजी कार (Private White Plate) को टैक्सी या किराए पर चलाते समय हादसा होने पर निजी बीमा काम नहीं करता।