बात बाकी

संपादकीय नीति — खबर के स्रोत और प्रकाशन का तरीका.

हम समाचार, व्याख्या, अनुमान और व्यावसायिक सामग्री के बीच साफ फर्क रखते हैं।

अपडेट:

किस खबर को प्राथमिकता मिलती है?

आम पाठकों पर असर डालने वाली घोषणा, जरूरी तारीख, बड़े बदलाव और उपयोगी सवाल हमारी प्राथमिकता हैं। सुर्खी और शुरुआती पैराग्राफ लेख के मुख्य तथ्य बताते हैं। पढ़ाई, नौकरी, वाहन और कारोबार की खबरों में उपलब्ध विवरण और अगले कदम को सरल भाषा में रखा जाता है।

मूल स्रोत की भूमिका

प्रवेश और परीक्षा के लिए संबंधित संस्था, उत्पाद के लिए निर्माता और सरकारी घोषणा के लिए संबंधित विभाग का स्रोत प्राथमिक आधार है। दूसरे समाचार स्रोत संदर्भ दे सकते हैं। सोशल मीडिया किसी विषय का संकेत हो सकता है, लेकिन वायरल पोस्ट अपने आप सत्यापन नहीं है। पाठक लेख के स्रोत लिंक से मूल जानकारी देख सकते हैं।

घोषणा और लागू होने में फर्क

प्रस्ताव को लागू नियम, बुकिंग को डिलीवरी, अनुमानित कीमत को घोषित कीमत और संभावित तारीख को अंतिम तारीख नहीं कहा जाना चाहिए। जो विवरण उपलब्ध नहीं है, उसे अनुमान लगाकर नहीं भरा जाता। विकसित होती खबर में नई घोषणा पुराने विवरण को बदल सकती है।

तथ्य और जिम्मेदारी

लेख में दिए गए दावों के लिए मूल स्रोत और संदर्भ महत्वपूर्ण हैं। काल्पनिक विशेषज्ञ, बनावटी उद्धरण, झूठा प्रत्यक्ष अनुभव या मौके पर मौजूद संवाददाता का दावा नहीं जोड़ा जाता। प्रकाशित सामग्री की जिम्मेदारी पोर्टल की है। किसी तथ्य पर सवाल हो तो उसका स्रोत और लेख का लिंक हमें भेजें।

तस्वीरें और पहचान

वास्तविक फोटो के अधिकार और स्रोत का ध्यान रखा जाता है। विषय को समझाने वाला चित्र किसी वास्तविक घटना की पुष्टि का विकल्प नहीं है। किसी व्यक्ति का निजी जीवन, अपुष्ट आरोप या पहचान उजागर करने वाली जानकारी केवल सनसनी पैदा करने के लिए प्रकाशित नहीं की जानी चाहिए।

अपडेट, सुधार और व्यावसायिक संबंध

नई महत्वपूर्ण जानकारी मिलने पर संबंधित लेख को अपडेट करना प्राथमिक तरीका है। तथ्य में महत्वपूर्ण सुधार का नोट और अपडेट तारीख दिखाई जानी चाहिए। प्रायोजित लेख और संबद्ध लिंक होने पर संबंधित सामग्री में जानकारी दी जाएगी। विज्ञापन खरीदने से खबर के निष्कर्ष पर नियंत्रण मिलने का वादा नहीं किया जाता।