भारतीय संस्कृति में धनतेरस और दिवाली के पावन अवसर पर सोने-चांदी के सिक्के, बर्तन और आभूषण खरीदना समृद्धि और सौभाग्य का प्रतीक माना जाता है। वर्ष 2026 में मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) और घरेलू सर्राफा बाजारों में सोने और चांदी की कीमतें रिकॉर्ड ऊंचाई पर कारोबार कर रही हैं। ऐसे में अगर आप भी इस त्योहारी सीजन में सोने या चांदी की खरीदारी की योजना बना रहे हैं, तो केवल भाव देखकर दुकान पर न जाएं। आभूषण की वास्तविक शुद्धता, मेकिंग चार्ज में छुपी लागत, जीएसटी और रीसेल वैल्यू की पूरी जानकारी होना बेहद जरूरी है। जिस तरह आप अपने पोर्टफोलियो में विविधता लाने के लिए शेयर बाजार और डीमैट अकाउंट गाइड का अध्ययन करते हैं या खरीदारी से पहले गोल्ड हॉलमार्किंग HUID नियम की जांच करते हैं, उसी तरह सोने की हर खरीदारी में वित्तीय अनुशासन जरूरी है。

1. 24 कैरेट, 22 कैरेट और 18 कैरेट में क्या अंतर है? सोने की शुद्धता को कैरेट (Karat) में मापा जाता है:

- 24 कैरेट सोना (99.9% शुद्ध): यह सोने का सबसे शुद्ध रूप होता है। यह बहुत कोमल और लचीला होता है, इसलिए इससे जटिल आभूषण नहीं बनाए जा सकते। 24K सोने का उपयोग मुख्य रूप से सोने के सिक्कों, बिस्कुट और गोल्ड बार में होता है। - 22 कैरेट सोना (91.6% शुद्ध): आभूषण बनाने के लिए 22K सोना सबसे लोकप्रिय है। इसमें 91.6% शुद्ध सोना और 8.4% अन्य धातुएं (जैसे तांबा, चांदी या जिंक) मिलाई जाती हैं ताकि गहनों को मजबूती मिल सके। हॉलमार्क पर इसे '916' लिखा जाता है। - 18 कैरेट सोना (75% शुद्ध): हीरे और कीमती पत्थरों से जड़े आधुनिक फैशनेबल आभूषणों के लिए 18K सोना आदर्श माना जाता है। इसमें 75% शुद्ध सोना होता है और हॉलमार्क पर '750' अंकित रहता है।

2. सोने के आभूषण की कीमत का सही गणित (Jewellery Price Calculation) दुकानदार से बिल बनवाते समय हमेशा इस फॉर्मूले की जांच करें:

कुल कीमत = (सोने का वजन इन ग्राम × उस दिन का प्रति ग्राम सोने का भाव) + मेकिंग चार्ज + 3% जीएसटी (GST)

- मेकिंग चार्ज (Making Charges): यह कारीगरी की लागत होती है, जो गहने के डिजाइन के आधार पर 8% से लेकर 25% तक हो सकती है। हमेशा ज्वैलर से मेकिंग चार्ज पर मोलभाव करें और फिक्स प्रतिशत के बजाय प्रति ग्राम मेकिंग चार्ज समझें। - 3% जीएसटी: सोने के गहने और मेकिंग चार्ज दोनों पर केंद्र व राज्य सरकार द्वारा 3% वस्तु एवं सेवा कर लगाया जाता है।

3. 6 अंकों का HUID हॉलमार्क: असली सोने की सबसे बड़ी पहचान 1 अप्रैल 2023 के बाद से भारत में बिना 6 अंकों के अल्फ़ान्यूमेरिक HUID (Hallmark Unique Identification) कोड वाले सोने के गहने बेचना पूरी तरह गैरकानूनी है:

- बीआईएस लोगो (BIS Triangular Logo): भारतीय मानक ब्यूरो का त्रिकोण चिन्ह। - शुद्धता ग्रेड: जैसे 22K916 या 18K750। - 6 डिजिट HUID कोड: यह हर गहने का एक यूनिक आधार कार्ड जैसा नंबर होता है। - BIS Care App से जांच: अपने मोबाइल में बीआईएस केयर ऐप डाउनलोड करके 'Verify HUID' विकल्प में यह 6 अंकों का कोड डालें। स्क्रीन पर तुरंत ज्वैलर का नाम, रजिस्ट्रेशन नंबर, हॉलमार्किंग सेंटर और टेस्टिंग की सही तारीख आ जाएगी।

4. फिजिकल गोल्ड बनाम डिजिटल गोल्ड, गोल्ड ईटीएफ और एसजीबी यदि आपका उद्देश्य केवल भविष्य के लिए धन संचय या निवेश है, तो फिजिकल ज्वैलरी खरीदने से बचें क्योंकि बेचते समय मेकिंग चार्ज का 15% से 20% पैसा डूब जाता है:

- सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड (SGB): भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा जारी इस बॉन्ड पर सोने की कीमत बढ़ने का पूरा फायदा मिलता है और साथ ही सालाना 2.5% का निश्चित ब्याज भी मिलता है। 8 साल की परिपक्वता पर मिलने वाला रिटर्न पूरी तरह टैक्स-फ्री होता है। - गोल्ड ईटीएफ (Gold ETF): डीमैट अकाउंट के जरिए शेयर बाजार में 1 यूनिट सोने (लगभग 1 ग्राम) से निवेश शुरू किया जा सकता है। इसमें 0% मेकिंग चार्ज और उच्च लिक्विडिटी मिलती है।