संगठित क्षेत्र और प्राइवेट कंपनियों में काम करने वाले करोड़ों वेतनभोगी कर्मचारियों के लिए कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) का पीएफ खाता (Provident Fund) रिटायरमेंट और आकस्मिक जरूरतों की सबसे बड़ी आर्थिक सुरक्षा होता है। अक्सर देखा जाता है कि जब कर्मचारी एक कंपनी छोड़कर दूसरी कंपनी ज्वाइन करते हैं, तो जानकारी के अभाव में उनका पुराना पीएफ खाता निष्क्रिय पड़ा रहता है या केवाईसी अधूरी होने के कारण पैसा अटक जाता है। जिस तरह आपातकाल में ईपीएफओ पीएफ ऑनलाइन क्लेम फॉर्म 31 और फॉर्म 19 से पैसा निकालने की सुविधा मिलती है और बैंकिंग में एचडीएफसी एफडी स्वीप-इन सुविधा बेहतर ब्याज देती है, उसी तरह अपने पीएफ पर 8.25% का लगातार चक्रवृद्धि ब्याज और टैक्स छूट पाने के लिए पुराना पीएफ खाता नए खाते में ऑनलाइन मर्ज (Transfer) करना सबसे समझदारी भरा कदम है।
1. 12 अंकों का यूएएन (UAN) ऑनलाइन एक्टिवेट कैसे करें ईपीएफओ की किसी भी ऑनलाइन सेवा (जैसे पासबुक देखना, केवाईसी करना या क्लेम भरना) का लाभ उठाने के लिए सबसे पहले अपना यूनिवर्सल अकाउंट नंबर (UAN) एक्टिवेट करना अनिवार्य है:
1. ईपीएफओ के आधिकारिक यूनिफाइड मेंबर पोर्टल unifiedportal-mem.epfindia.gov.in पर जाएं। 2. होमपेज पर नीचे दाईं ओर Important Links सेक्शन में Activate UAN लिंक पर क्लिक करें। 3. अपना 12 अंकों का यूएएन नंबर (यह आपकी सैलरी स्लिप पर लिखा होता है), आधार नंबर, नाम, जन्मतिथि और आधार से लिंक मोबाइल नंबर दर्ज करें। 4. कैप्चा कोड भरकर सहमति बॉक्स पर टिक करें और Get Authorization PIN पर क्लिक करें। 5. आपके मोबाइल पर आए 6 अंकों के ओटीपी को दर्ज करके सबमिट करें। तुरंत आपके फोन पर एसएमएस के जरिए डिफॉल्ट पासवर्ड आ जाएगा, जिसे पहली बार लॉगिन करके आप अपनी पसंद का नया पासवर्ड बना सकते हैं।
2. आधार, पैन और बैंक खाते की ऑनलाइन ई-केवाईसी (e-KYC) कैसे पूरी करें बिना पूर्ण केवाईसी के न तो पीएफ ट्रांसफर होता है और न ही पैसा निकलता है। केवाईसी अपडेट करने के लिए:
- मेंबर पोर्टल पर अपने यूएएन और पासवर्ड से लॉगिन करें। - ऊपर मेन्यू बार में Manage टैब पर क्लिक करें और ड्रॉपडाउन में से KYC विकल्प चुनें। - यहां Bank, PAN और Passport के विकल्प दिखेंगे। Bank पर टिक करके अपना बैंक अकाउंट नंबर और IFSC कोड भरें, तथा PAN पर टिक करके अपना 10 अंकों का पैन नंबर दर्ज करें। - Save पर क्लिक करके आधार ओटीपी से वेरीफाई करें। बैंक द्वारा वेरिफिकेशन और नियोक्ता (Employer) के डिजिटल अप्रूवल के बाद आपकी केवाईसी Digitally Approved सेक्शन में दिखने लगेगी।
3. नौकरी बदलने पर पुराना पीएफ नए खाते में ऑनलाइन कैसे ट्रांसफर करें (Form 13) जब आप नई कंपनी ज्वाइन करते हैं, तो यूएएन वही रहता है लेकिन नई कंपनी एक नया मेंबर आईडी (Member ID) बनाती है। पुराने खाते का पैसा नए खाते में ट्रांसफर करने की स्टेप-बाय-स्टेप प्रक्रिया इस प्रकार है:
1. मेंबर ई-सेवा पोर्टल पर लॉगिन करें और Online Services मेन्यू में जाकर One Member - One EPF Account (Transfer Request) पर क्लिक करें। 2. स्क्रीन पर आपके वर्तमान नियोक्ता और नए पीएफ खाते का विवरण दिखाई देगा, उसकी जांच करें। 3. नीचे स्क्रॉल करके उस पुरानी कंपनी (Previous Employer) या वर्तमान कंपनी (Present Employer) में से किसी एक को अटेस्टेशन (Attestation) के लिए चुनें जिसके पास आपके डिजिटल सिग्नेचर पंजीकृत हैं। 4. अपना पुराना मेंबर आईडी या यूएएन नंबर डालकर Get Details पर क्लिक करें। आपकी पुरानी कंपनी की सर्विस हिस्ट्री स्क्रीन पर आ जाएगी, उसे सिलेक्ट करें। 5. अब Get OTP पर क्लिक करें और आधार से लिंक मोबाइल नंबर पर प्राप्त ओटीपी दर्ज करके Submit कर दें। 6. कुछ ही दिनों में नियोक्ता और ईपीएफओ फील्ड ऑफिस की मंजूरी के बाद आपका पुराना पीएफ बैलेंस नए खाते में जुड़ जाएगा।
4. पीएफ ट्रांसफर करने के 2 बड़े फायदे (पांच साल का टैक्स नियम और पेंशन सर्विस) पुराना पीएफ निकालने के बजाय उसे नई कंपनी के खाते में ट्रांसफर करने के दो सबसे बड़े लाभ होते हैं:
- टीडीएस (TDS) से पूरी तरह बचाव: आयकर नियमों के अनुसार यदि कोई कर्मचारी कुल 5 साल की निरंतर सेवा (Continuous Service) पूरी होने से पहले 50,000 रुपये से अधिक पीएफ निकालता है, तो उस पर 10% टीडीएस कटता है। लेकिन यदि आप पुराना पीएफ नए खाते में ट्रांसफर कर लेते हैं, तो पुरानी और नई दोनों कंपनियों की सेवा अवधि जुड़ जाती है और 5 साल पूरे होने पर पूरी रकम 100% टैक्स-फ्री हो जाती है। - ईपीएस (EPS-95) पेंशन की पात्रता: कर्मचारी पेंशन योजना के तहत 58 वर्ष की आयु के बाद आजीवन मासिक पेंशन पाने के लिए कम से कम 10 वर्ष की कुल सेवा (Service History) होना अनिवार्य है, जो फॉर्म 13 के जरिए खाता ट्रांसफर करने से ही लगातार जुड़ती रहती है।



