भारत में पेट्रोल और डीजल की लगातार बढ़ती कीमतों और शून्य प्रदूषण के संकल्प के साथ इलेक्ट्रिक वाहनों (EVs) की बिक्री में ऐतिहासिक उछाल आया है। टाटा नेक्सन ईवी (Tata Nexon EV), पंच ईवी, और महिंद्रा एक्सयूवी400 जैसी गाड़ियां आज मध्यमवर्गीय परिवारों के गैरेज की शान बन चुकी हैं। लेकिन नए ईवी खरीदारों के मन में सबसे बड़ा सवाल यह होता है कि कार को घर पर कैसे चार्ज किया जाए, क्या इसके लिए अलग बिजली कनेक्शन लेना पड़ेगा, और महीने का बिजली बिल कितना बढ़ जाएगा? यदि आप भी घर पर चार्जिंग सेटअप लगाने की सोच रहे हैं, तो केंद्र सरकार की पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना का लाभ उठाकर अपनी छत पर सोलर पैनल लगाकर अपनी इलेक्ट्रिक कार को वस्तुतः जीरो रुपये के खर्च पर चला सकते हैं। साथ ही अगर नई ईवी खरीदने के लिए लोन की योजना है, तो पहले से अपना सिबिल स्कोर 750+ सुधारें ताकि सबसे कम ब्याज पर ग्रीन कार लोन मिल सके।
1. घर पर चार्जिंग के दो मुख्य विकल्प: 15A सॉकेट बनाम 7.2kW वॉल-बॉक्स - 15 एंपियर सामान्य 3-पिन सॉकेट (Slow / Portable Charger): प्रत्येक इलेक्ट्रिक कार के साथ कंपनी एक 3.3kW का पोर्टेबल चार्जर देती है, जिसे घर के किसी भी सामान्य 16A या 15A पावर सॉकेट (जैसे एसी या गीजर वाला प्लग) में लगाया जा सकता है। इसमें किसी खास इंस्टॉलेशन की जरूरत नहीं होती, लेकिन 40kWh की बैटरी को 0 से 100% चार्ज करने में 14 से 16 घंटे का लंबा समय लगता है। - 7.2kW एसी फास्ट वॉल-बॉक्स चार्जर (AC Fast Wallbox Charger): यह दीवार पर लगने वाला एक आधुनिक कॉम्पैक्ट चार्जर होता है जो कार को मात्र 5 से 6 घंटे में फुल चार्ज कर देता है। रात को सोते समय कार प्लग-इन करने पर सुबह 100% बैटरी तैयार मिलती है।
2. घर का बिजली लोड और अलग EV मीटर के नियम - स्वीकृत लोड (Sanctioned Load) बढ़ाना: 7.2kW का चार्जर लगाने के लिए आपके घर का बिजली कनेक्शन कम से कम 8kW से 10kW का होना चाहिए। यदि आपके घर का स्वीकृत लोड 3kW या 5kW है, तो अपने राज्य के विद्युत वितरण निगम (DISCOM) पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन करके लोड बढ़वाएं। - अलग ग्रीन ईवी मीटर (Dedicated EV Meter): दिल्ली, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, गुजरात और पंजाब सहित कई राज्यों की विद्युत नियामक आयोगों ने ईवी के लिए अलग से 'EV Concessional Tariff Meter' की सुविधा दी है। इस मीटर पर बिजली की दरें सामान्य घरेलू स्लैब से सस्ती होती हैं और रात के समय (Time of Day - ToD Tariff) चार्ज करने पर 20% तक अतिरिक्त छूट मिलती है।
3. घर पर ईवी चार्जिंग का कुल खर्च और पेट्रोल कार से तुलना आइए गणित को सरल भाषा में समझते हैं:
- एक 40kWh बैटरी पैक वाली कार को फुल चार्ज करने में लगभग 42 से 44 यूनिट बिजली की खपत होती है। - यदि बिजली की औसत दर 7 रुपये प्रति यूनिट है, तो एक बार फुल चार्ज करने का कुल खर्च मात्र 300 से 320 रुपये आता है। - फुल चार्ज में कार वास्तविक दुनिया में लगभग 280 से 300 किलोमीटर चलती है। - यानी प्रति किलोमीटर चलने का खर्च मात्र 1.05 से 1.20 रुपये प्रति किमी बैठता है! - इसके विपरीत, यदि कोई पेट्रोल कार 15 किमी/लीटर का माइलेज देती है और पेट्रोल 100 रुपये लीटर है, तो प्रति किमी चलने का खर्च 6.60 रुपये आता है। यानी हर महीने 1,500 किमी चलने पर ईवी मालिक पेट्रोल के मुकाबले सीधे 8,000 से 9,000 रुपये की शुद्ध बचत करता है।






