विश्व क्रिकेट के पटल पर भारतीय महिला क्रिकेट टीम (Team India Women) ने हाल के वर्षों में जो ऐतिहासिक छलांग लगाई है, उसने करोड़ों खेल प्रेमियों का दिल जीत लिया है। हरमनप्रीत कौर (Harmanpreet Kaur) की आक्रामक कप्तानी और उपकप्तान स्मृति मंधाना (Smriti Mandhana) की कलात्मक बल्लेबाजी के दम पर भारतीय टीम अब किसी भी मैदान पर जीत की प्रबल दावेदार मानी जाती है। जिस तरह पुरुषों के खेल में दबाव के पलों में श्रेयस अय्यर के तूफानी शतक और वापसी या ऋषभ पंत के ऐतिहासिक टेस्ट कमबैक से टीम को मजबूती मिलती है, उसी तरह महिला टीम में जेमिमा रोड्रिग्स और ऋचा घोष का फिनिशिंग टच टीम इंडिया की सबसे बड़ी ताकत बनकर उभरा है。

1. आगामी अंतरराष्ट्रीय सीरीज और पूरा शेड्यूल भारतीय महिला टीम के लिए आगामी महीनों का कैलेंडर बेहद व्यस्त और रोमांचक रहने वाला है:

- घरेलू मैदानों पर टेस्ट और सीमित ओवरों की सीरीज: भारत में विमेंस प्रीमियर लीग (WPL) के शानदार सफल सीजन के बाद टीम इंडिया ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड और दक्षिण अफ्रीका की मेजबानी कर रही है। - विदेशी दौरों की तैयारी: ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड की तेज और उछाल भरी पिचों पर होने वाले दौरों के लिए विशेष कंडीशनिंग कैंप राष्ट्रीय क्रिकेट अकादमी (NCA) में आयोजित किए गए हैं। - आईसीसी विमेंस चैंपियनशिप अंक तालिका: भारत शीर्ष तीन में मजबूती से बना हुआ है, जिससे सीधे विश्व कप के लिए सीधे क्वालिफिकेशन की राह पूरी तरह निष्कंटक हो चुकी है।

2. स्मृति मंधाना और हरमनप्रीत कौर: टीम की दो मजबूत रीढ़ - स्मृति मंधाना का क्लास: वनडे और टी20 रैंकिंग में लगातार शीर्ष बल्लेबाजों में शामिल मंधाना पावरप्ले में आक्रामक शुरुआत दिलाकर विपक्षी कप्तानों की फील्डिंग रणनीति ध्वस्त कर देती हैं। उनके कवर ड्राइव और पुल शॉट्स की तुलना क्रिकेट जगत के महानतम बल्लेबाजों से की जाती है। - हरमनप्रीत कौर का आक्रामक रुख: मध्यक्रम में बड़े मैचों की खिलाड़ी मानी जाने वाली हरमनप्रीत स्पिनरों पर छक्के लगाने और मैच फिनिश करने में माहिर हैं। - ऋचा घोष का पावर-गेम: डेथ ओवर्स में 150 से अधिक के स्ट्राइक रेट से बड़े हिट्स लगाने की क्षमता ने ऋचा को दुनिया की सबसे खतरनाक विकेटकीपर-फिनिशर बना दिया है।

3. गेंदबाजी आक्रमण: रेणुका की स्विंग और दीप्ति का ऑलराउंड कमाल - रेणुका सिंह ठाकुर: नई गेंद से दोनों तरफ इन-स्विंग और आउट-स्विंग कराने की उनकी कला ने पावरप्ले में विकेट चटकाने को टीम इंडिया का ट्रेडमार्क बना दिया है। - दीप्ति शर्मा: दुनिया की नंबर 1 ऑलराउंडरों में शुमार दीप्ति न केवल किफायती ऑफ-स्पिन गेंदबाजी करती हैं, बल्कि निचले क्रम में उपयोगी रन बनाकर कई हारे हुए मैच भारत की झोली में डाल चुकी हैं। - युवा तेज गेंदबाज: टिटास साधु और काशवी गौतम जैसी युवा सीमर्स ने 120 किमी/घंटा से अधिक की रफ्तार से गेंदबाजी करके टीम की बेंच स्ट्रेंथ को नई ऊंचाई दी है।

4. विमेंस प्रीमियर लीग (WPL) का भारतीय प्रतिभाओं पर प्रभाव डब्ल्यूपीएल के आने से घरेलू खिलाड़ियों को दुनिया के सर्वश्रेष्ठ अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों के साथ ड्रेसिंग रूम शेयर करने का मौका मिला है। इसने खिलाड़ियों के फिटनेस स्तर, मैच अवेयरनेस और दबाव झेलने की क्षमता को पुरुष क्रिकेटरों के समकक्ष ला खड़ा किया है।