भारतीय क्रिकेट में प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है, लेकिन जब बात मुश्किल परिस्थितियों में पारी को संभालने और स्पिन गेंदबाजी पर दबाव बनाने की आती है, तो श्रेयस अय्यर (Shreyas Iyer) का नाम सबसे आगे आता है। चोटों और कुछ प्रशासनिक उतार-चढ़ावों से उबरते हुए मुंबई और टीम इंडिया के इस स्टार बल्लेबाज ने घरेलू क्रिकेट में एक बार फिर अपनी धाक जमाई है। अय्यर ने रणजी ट्रॉफी और सैयद मुश्ताक अली के अहम मुकाबले में तूफानी अंदाज में शतक जड़कर आलोचकों को करारा जवाब दिया है। क्रिकेट फैंस जहां विराट कोहली के ऐतिहासिक शतकों और महिला एशिया कप में भारत के दबदबे का जश्न मना रहे हैं, वहीं श्रेयस अय्यर की यह पारी चयनकर्ताओं के लिए सकारात्मक सिरदर्द बन गई है।

1. मैच की स्थिति और पारी का पूरा लेखा-जोखा - दबाव में काउंटर-अटैकिंग बैटिंग: जब टीम ने शुरुआती 3 विकेट महज 45 रनों पर गंवा दिए थे, तब अय्यर ने क्रीज पर कदम रखा और रक्षात्मक रुख अपनाने के बजाय गेंदबाजों पर सीधा हमला बोल दिया। - आक्रामक स्ट्राइक रेट: अय्यर ने 120 से अधिक के स्ट्राइक रेट से बल्लेबाजी करते हुए मैदान के हर कोने में चौके और छक्के जड़े। - स्पिन गेंदबाजी का संहार: घरेलू स्पिनरों के खिलाफ कदमों का बेहतरीन इस्तेमाल करते हुए लॉन्ग-ऑन और काउ-कॉर्नर पर 6 गगनचुंबी छक्के लगाए।

2. वनडे और टी20 टीम में वापसी की राह - आईसीसी वनडे वर्ल्ड कप में 530 रन और बैक-टू-बैक शतकों का रिकॉर्ड साबित करता है कि 50 ओवर फॉर्मेट में नंबर 4 पर अय्यर भारत के सबसे भरोसेमंद बल्लेबाज हैं। - आईपीएल में कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) को अपनी कप्तानी में खिताब जिताने के बाद अय्यर की कप्तानी और टैक्टिकल सूझबूझ को भी क्रिकेट पंडितों ने सराहा है। - आगामी चैंपियंस ट्रॉफी और द्विपक्षीय सीरीज के लिए मध्यक्रम में स्थिरता प्रदान करने के लिए अय्यर पहली पसंद बनकर उभरे हैं।