अंतरराष्ट्रीय टेस्ट क्रिकेट में जब भी कौशल, धैर्य, आक्रामकता और रोमांच की पराकाष्ठा देखने को मिलती है, तो भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच खेली जाने वाली बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी (Border-Gavaskar Trophy - BGT) का नाम सबसे ऊपर आता है। क्रिकेट जगत के दो महानतम दिग्गजों—भारत के सुनील गावस्कर और ऑस्ट्रेलिया के एलन बॉर्डर (जिन्होंने टेस्ट इतिहास में सबसे पहले 10,000 रनों का आंकड़ा पार किया था)—के सम्मान में साल 1996 में इस प्रतिष्ठित ट्रॉफी की शुरुआत की गई थी। आज यह सीरीज एशेज (Ashes) के बराबर या उससे भी कहीं अधिक लोकप्रिय मानी जाती है। जिस तरह आईसीसी टूर्नामेंट्स में वनडे वर्ल्ड कप 2027 का नया शेड्यूल और लॉर्ड्स फाइनल में पहुंचने के लिए वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप (WTC) पॉइंट्स टेबल का गणित निर्णायक होता है, उसी तरह डब्ल्यूटीसी फाइनल के टिकट का फैसला भी अक्सर बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी के परिणाम से ही होता है।

1. 1996 से अब तक बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी के सबसे यादगार और ऐतिहासिक पल पिछले तीन दशकों में इस ट्रॉफी ने टेस्ट क्रिकेट के इतिहास को कई ऐसे मुकाबले दिए हैं जो लोककथाओं का हिस्सा बन चुके हैं:

1. कोलकाता ईडन गार्डन्स टेस्ट (2001): स्टीव वॉ की अजेय मानी जाने वाली ऑस्ट्रेलियाई टीम ने लगातार 16 टेस्ट जीते थे। कोलकाता टेस्ट में फॉलो-ऑन खेलने के बाद वीवीएस लक्ष्मण (281 रन) और राहुल द्रविड़ (180 रन) ने पूरे चौथे दिन बिना आउट हुए 376 रनों की साझेदारी की और पांचवें दिन हरभजन सिंह की हैट्रिक व स्पिन के दम पर भारत ने असंभव दिखने वाली जीत दर्ज करके सीरीज 2-1 से अपने नाम की। 2. ऑस्ट्रेलिया की धरती पर पहली टेस्ट सीरीज जीत (2018-19): विराट कोहली की कप्तानी और चेतेश्वर पुजारा के 521 रनों तथा जसप्रीत बुमराह की घातक गेंदबाजी के दम पर भारत ने 71 साल के लंबे इंतजार को खत्म करते हुए ऑस्ट्रेलिया को उसी के घर में 2-1 से हराकर इतिहास रचा। 3. गाबा का घमंड टूटने की अमर कहानी (2020-21): एडिलेड में पहले टेस्ट में 36 रन पर ऑलआउट होने और कई मुख्य खिलाड़ियों के चोटिल होने के बावजूद अजिंक्य रहाणे के नेतृत्व में युवा भारतीय टीम ने मेलबर्न जीता, सिडनी में हनुमा विहारी व अश्विन ने मैच बचाया और अंत में ब्रिस्बेन के गाबा मैदान (जहां ऑस्ट्रेलिया 32 साल से नहीं हारा था) पर शुभमन गिल (91), चेतेश्वर पुजारा (56) और ऋषभ पंत की नाबाद 89 रनों की ऐतिहासिक पारी से 328 रनों का लक्ष्य हासिल कर पूरी दुनिया को चौंका दिया।

2. बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी में सर्वाधिक रन बनाने वाले बल्लेबाज तेज उछाल वाली ऑस्ट्रेलियाई पिचों और भारत की स्पिन लेती पिचों पर दोनों देशों के दिग्गज बल्लेबाजों ने शानदार कीर्तिमान बनाए हैं:

- सचिन तेंदुलकर (भारत): मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर ने बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी के 34 मैचों में 9 शतकों और 16 अर्धशतकों की मदद से सर्वाधिक 3,262 रन बनाए हैं। - रिकी पोंटिंग (ऑस्ट्रेलिया): पूर्व ऑस्ट्रेलियाई कप्तान ने 29 मैचों में 8 शतकों के साथ 2,555 रन बनाए हैं। - वीवीएस लक्ष्मण और राहुल द्रविड़: लक्ष्मण ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 29 मैचों में 2,434 रन और द्रविड़ ने 32 मैचों में 2,143 रन बनाए। - विराट कोहली और स्टीव स्मिथ: आधुनिक युग में विराट कोहली और स्टीव स्मिथ दोनों ने ही इस ट्रॉफी में 8 से अधिक टेस्ट शतक लगाकर अपनी श्रेष्ठता साबित की है, जिसमें पर्थ और मेलबर्न में लगाए गए कोहली के शतक आज भी याद किए जाते हैं।

3. बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी में सर्वाधिक विकेट लेने वाले गेंदबाज गेंदबाजी के मोर्चे पर भारतीय स्पिनर्स और तेज गेंदबाजों दोनों ने यादगार प्रदर्शन किया है:

- रविचंद्रन अश्विन और नाथन लियोन: इस ट्रॉफी के इतिहास में भारत के रविचंद्रन अश्विन और ऑस्ट्रेलिया के नाथन लियोन दोनों ने 100 से अधिक विकेट चटकाने का कारनामा किया है। - अनिल कुंबले और हरभजन सिंह: अनिल कुंबले ने मात्र 20 मैचों में 111 विकेट और हरभजन सिंह ने 18 मैचों में 95 विकेट (जिनमें 2001 की 3 मैचों की सीरीज में लिए गए 32 विकेट शामिल हैं) हासिल किए। - जसप्रीत बुमराह का वर्चस्व: तेज गेंदबाजी में जसप्रीत बुमराह ने मेलबर्न, पर्थ और सिडनी के मैदानों पर अपनी घातक सीम और यॉर्कर से ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजी की कमर तोड़ते हुए भारत को विदेशी जमीन पर जीत दिलाने में सबसे बड़ी भूमिका निभाई है।

4. अब तक 4 की जगह 5 टेस्ट मैचों की सीरीज और डब्ल्यूटीसी में महत्व बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी की बढ़ती लोकप्रियता को देखते हुए बीसीसीआई और क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने इस सीरीज को 4 टेस्ट मैचों से बढ़ाकर पूरे 5 टेस्ट मैचों की सीरीज कर दिया है (जैसा साल 1991-92 के बाद से देखने को मिला है)। आईसीसी वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप (WTC) के हर दो साल के चक्र में भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच खेले जाने वाले ये 5 टेस्ट मैच कुल 60 महत्वपूर्ण अंक तय करते हैं, जो सीधे यह निर्धारित करते हैं कि जून में लंदन के लॉर्ड्स मैदान पर होने वाले डब्ल्यूटीसी फाइनल में कौन सी दो टीमें खिताबी मुकाबला खेलेंगी।