तमिलनाडु की राजधानी चेन्नई में दैनिक यातायात की भीड़भाड़ से जूझने वाले लाखों दैनिक यात्रियों, नौकरीपेशा युवाओं और आईटी प्रोफेशनल्स के लिए बहुत बड़ी खुशखबरी सामने आई है। चेन्नई मेट्रो रेल लिमिटेड (CMRL) के महत्वाकांक्षी 63,246 करोड़ रुपये के फेज-2 प्रोजेक्ट का पहला प्राथमिकता खंड—पूनामल्ली बाईपास से वडापलानी (Poonamallee to Vadapalani Corridor)—अपने अंतिम ट्रायल रन चरण में पहुंच चुका है। चेन्नई के पश्चिमी उपनगरों में रहने वाले लोगों के लिए यह कॉरिडोर किसी लाइफलाइन से कम नहीं होगा। जिस तरह देश भर में शहरी इंफ्रास्ट्रक्चर तेजी से बदल रहा है और लोग सरकारी नागरिक सेवाओं के लिए डिजिलॉकर से डिजिटल पहचान पत्र या सारथी पोर्टल पर ऑनलाइन लाइसेंस का उपयोग कर रहे हैं, उसी तरह स्मार्ट पब्लिक ट्रांसपोर्ट का यह नया नेटवर्क चेन्नई की गति को नई दिशा देगा。

1. पूनामल्ली से वडापलानी कॉरिडोर: क्या है रूट की खासियत? यह नया मेट्रो मार्ग फेज 2 के कॉरिडोर 4 (Light House to Poonamallee Bypass) का एक प्रमुख हिस्सा है:

- कुल लंबाई: लगभग 16 किलोमीटर लंबा यह हिस्सा पूरी तरह एलिवेटेड (Elevated Track) तैयार किया गया है। - यात्रा समय में भारी बचत: वर्तमान में पूनामल्ली से वडापलानी तक सड़क मार्ग से जाने में पीक आवर्स के दौरान 60 से 75 मिनट का समय लगता है, जो मेट्रो शुरू होने के बाद घटकर मात्र 25 से 28 मिनट रह जाएगा। - प्रमुख कनेक्टिविटी: यह रूट माउंट पूनामल्ली रोड, पोरोर जंक्शन, इय्याप्पनथंगल और वडापलानी को सीधे जोड़ेगा, जहां से यात्री मौजूदा फेज 1 की ग्रीन लाइन में आसानी से इंटरचेंज कर सकेंगे।

2. कॉरिडोर पर पड़ने वाले 18 नए मेट्रो स्टेशन इस प्राथमिकता खंड में कुल 18 आधुनिक स्टेशन बनाए गए हैं:

- पूनामल्ली बाईपास (टर्मिनल स्टेशन और विशाल मेट्रो डिपो) - पूनामल्ली बस टर्मिनस - मुल्लई थोट्टम - कुट्टमबक्कम - करुणाम्बिकई नगर - इय्याप्पनथंगल (बस डिपो इंटरचेंज) - रामचंद्र हॉस्पिटल (Sri Ramachandra Institute of Higher Education & Research) - पोरोर जंक्शन (Porur Junction) - पोरोर बाईपास - तेल्लाबागम् - अलवाड़थिरु नगर - वलसरवक्कम (Valsaravakkam) - करांबक्कम - आल्वारथिरु नगर - सुरेश नगर - नेसपक्कम - कामराजनगर - वडापलानी (Vadapalani Interchange Station)

3. भारत की पहली अत्याधुनिक ड्राइवरलेस ट्रेनें चेन्नई मेट्रो फेज-2 की सबसे बड़ी तकनीकी उपलब्धि इसकी ड्राइवरलेस ट्रेनें हैं:

- संचार आधारित ट्रेन नियंत्रण (CBTC Signaling System): यह ट्रेनें अनअटेंडेड ट्रेन ऑपरेशन (UTO) मोड पर काम करती हैं, जिसमें स्पीड, स्टॉपेज और ब्रेकिंग पूरी तरह स्वचालित कंप्यूटर कंट्रोल रूम से संचालित होगी। - उन्नत सुरक्षा और सीसीटीवी: प्रत्येक कोच में 360-डिग्री लाइव निगरानी कैमरे, इमरजेंसी टॉक-बैक बटन और प्लेटफॉर्म स्क्रीन डोर्स (PSD) लगाए गए हैं, जो ट्रेन आने पर ही खुलते हैं ताकि कोई भी ट्रैक पर न गिर सके। - रीजनरेटिव ब्रेकिंग: ट्रेन ब्रेक लगाते समय बिजली पैदा करेगी, जिससे 30% ऊर्जा की बचत होगी।

4. टिकट किराया, स्मार्ट कार्ड और नेशनल मोबिलिटी कार्ड (NCMC) - न्यूनतम किराया मात्र 10 रुपये और इस पूरे कॉरिडोर का अधिकतम किराया 40 से 50 रुपये के बीच रहने का अनुमान है। - यात्री अपने मोबाइल में CMRL मोबाइल ऐप या व्हाट्सएप चैटबॉट से क्यूआर कोड टिकट बुक कर सकते हैं, जिस पर 20% तक का डिस्काउंट मिलता है। - 'वन नेशन वन मोबिलिटी कार्ड' (NCMC RuPay Card) के जरिए सीधे गेट पर टैप करके यात्रा की जा सकेगी।