PM-SETU का उद्देश्य सरकारी ITI में प्रशिक्षण और उद्योग की जरूरतों के बीच बेहतर मेल बनाना है। यह Pradhan Mantri Skilling and Employability Transformation through Upgraded ITIs का संक्षिप्त नाम है। योजना 4 अक्टूबर 2025 को शुरू हुई और एक साल बाद, PIB की 3 अक्टूबर 2026 की रिपोर्ट में 850 ITI की पहचान और 14 क्लस्टर की मंजूरी बताई गई। कुल लक्ष्य 1,000 सरकारी ITI को हब-स्पोक मॉडल में उन्नत करना है। यह प्रशिक्षण बेहतर करने की कोशिश है, नौकरी या वेतन की गारंटी नहीं।
PM-SETU क्यों शुरू हुई?
ITI में प्रशिक्षण व्यावहारिक काम, मशीनों और नौकरी में काम आने वाले कौशल पर केंद्रित होता है। उद्योग की मशीनें और सुरक्षा जरूरतें बदलती रहती हैं। इसलिए प्रशिक्षण उपकरण और पाठ्यक्रम भी अपडेट होने चाहिए। योजना आधुनिक मशीनें, बेहतर प्रयोगशालाएं, उद्योग से जुड़े पाठ्यक्रम और प्रशिक्षक क्षमता सुधारने पर काम करती है।
योजना में क्या शामिल है?
कुल परिव्यय ₹60,000 करोड़ बताया गया है: केंद्र का हिस्सा ₹30,000 करोड़, राज्यों का ₹20,000 करोड़ और उद्योग का ₹10,000 करोड़। यह कई वर्षों की संस्थागत योजना है, छात्रों को सीधे नकद बांटने की घोषणा नहीं।
मुख्य घटक 1,000 सरकारी ITI को हब और स्पोक मॉडल में विकसित करना है: 200 हब और 800 स्पोक। पांच National Centres of Excellence के जरिए NSTI की क्षमता बढ़ाने की योजना भी है। संभावित कामों में स्मार्ट कक्षाएं, आधुनिक लैब, डिजिटल सामग्री, नए पाठ्यक्रम और उद्योग साझेदारी शामिल हैं। सुविधा किस ITI या ट्रेड तक पहुंचेगी, यह क्लस्टर की योजना पर निर्भर करेगा।
पहले साल की प्रगति का मतलब
3 अक्टूबर की सरकारी रिपोर्ट में 850 ITI पहचाने गए और 14 क्लस्टर मंजूर बताए गए। इसका मतलब यह नहीं कि सभी संस्थानों में मशीनें लग गईं या नया पाठ्यक्रम शुरू हो चुका है। छात्र अपने ITI से पूछे कि वह योजना के किस चरण में है और उसके ट्रेड में क्या बदलाव लागू हुए हैं।
क्लस्टर के भीतर बड़ा संस्थान हब और आसपास के संस्थान स्पोक की तरह जुड़ सकते हैं। उदाहरण के लिए, उन्नत लैब हब में हो और स्पोक ITI के छात्र तय समय पर वहां व्यावहारिक प्रशिक्षण लें। हर राज्य में व्यवस्था समान नहीं होगी। यात्रा, समय-सारणी और प्रमाणपत्र की जानकारी संस्थान से लिखित में लें।
छात्र अपने ITI में क्या जांचें?
1. संस्थान की स्थिति: सरकारी या निजी, मान्यता और संबद्धता विवरण। 2. ट्रेड: NCVT या राज्य बोर्ड से संबद्धता और चालू बैच का रिकॉर्ड। 3. लैब: मशीनें चालू हैं या केवल स्वीकृत/खरीद प्रक्रिया में। 4. पाठ्यक्रम: नया पाठ्यक्रम लागू हुआ है या नहीं; आधिकारिक प्रति मांगें। 5. क्लस्टर: हब का नाम, उपलब्ध लैब और स्पोक ITI के लिए पहुंच प्रक्रिया। 6. उद्योग अनुभव: apprenticeship, factory visit या प्रशिक्षण अवसर की लिखित जानकारी। 7. फीस और सहायता: प्रवेश, परीक्षा शुल्क, छात्रवृत्ति और सहायता को अलग समझें।
ITI में प्रवेश और ट्रेड की सीट राज्य के नियमों पर निर्भर हो सकती है। DGT/NCVT MIS तथा राज्य के कौशल विभाग की आधिकारिक सूचना देखें।
क्या PM-SETU से नौकरी पक्की है?
नहीं। योजना प्रशिक्षण का स्तर और उद्योग से जुड़ाव सुधारना चाहती है, पर नौकरी छात्र के कौशल, परीक्षा, उपस्थिति, apprenticeship, नियोक्ता की जरूरत और चयन प्रक्रिया पर निर्भर करती है। “PM-SETU ITI में पढ़ो, नौकरी पक्की” जैसे दावे के लिए लिखित नियुक्ति या सत्यापित placement रिकॉर्ड मांगें।
इससे जुड़ी जानकारी के लिए डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम जयंती: मिसाइल मैन के जीवन से युवाओं और छात्रों के लिए 5 बड़े सबक भी पढ़ें।
संस्थान से पिछले बैच में कुल छात्र कितने थे, कितनों को नौकरी या apprenticeship मिली, कंपनी कौन थी और काम की शर्तें क्या थीं—यह पूछें। केवल विज्ञापन में वेतन का बड़ा आंकड़ा देखकर निर्णय न लें। सुरक्षा, गणित, संचार और डिजिटल कौशल का अभ्यास भी जरूरी रहता है।
क्या निजी ITI छात्र भी जुड़ सकते हैं?
योजना का मुख्य लक्ष्य सरकारी ITI का उन्नयन है। निजी ITI को कोई सुविधा मिलेगी या नहीं, यह संबंधित नियमों और क्लस्टर व्यवस्था पर निर्भर है। निजी संस्थान के प्रचार पर भरोसा करने से पहले राज्य कौशल विभाग या DGT से पूछें।
किस ट्रेड या संस्थान को चुनें?
योजना का नाम देखकर ही ट्रेड न चुनें। स्थानीय रोजगार, प्रशिक्षक, मशीनों की दशा, प्रशिक्षण घंटे, आवागमन, शुल्क और पिछले बैच का रिकॉर्ड देखें। यदि 12वीं के बाद सरकारी नौकरी के विकल्प खोज रहे हैं तो 12वीं के बाद सरकारी नौकरी की गाइड पढ़ें; ITI प्रशिक्षण और भर्ती परीक्षा अलग रास्ते हैं।
संस्थान में जाकर लैब देखें, हाल के विद्यार्थियों से बात करें और पूछें कि कितने घंटे वास्तविक मशीन पर अभ्यास होता है। प्रशिक्षण साझेदार कंपनी का नाम दिया गया हो तो apprenticeship की शर्तें लिखित में लें। कोई एजेंट नौकरी, सरकारी प्रमाणपत्र या सीट की गारंटी देकर पैसा मांगे तो विभाग से पुष्टि करें।
आवेदन और शिकायत कहां करें?
PM-SETU को एक देशव्यापी छात्र फॉर्म न समझें। ITI प्रवेश के लिए राज्य के कौशल या तकनीकी शिक्षा विभाग और संबंधित संस्थान की सूचना देखें। प्रवेश रसीद, ट्रेड, मान्यता और परीक्षा विवरण संभालें। प्रशिक्षण या प्रमाणपत्र पर सवाल हो तो पहले ITI प्राचार्य, फिर राज्य विभाग और संबंधित आधिकारिक पोर्टल पर शिकायत करें।
आम सवाल
क्या 1,000 ITI का उन्नयन पूरा हो गया है? नहीं कहा जा सकता। सरकारी लक्ष्य 1,000 है; अक्टूबर 2026 अपडेट में 850 की पहचान और 14 क्लस्टर मंजूरी का उल्लेख था।
क्या PM-SETU मुफ्त प्रशिक्षण देती है? योजना संस्थानों को उन्नत करने का कार्यक्रम है। फीस और छात्र सहायता राज्य तथा ITI के नियमों से जांचें।
क्या हर ट्रेड को नई मशीनें मिलेंगी? यह संस्थान, क्लस्टर और ट्रेड पर निर्भर है। अपनी लैब और समय-सारणी देखें।
क्या नौकरी की गारंटी है? नहीं। नियुक्ति नियोक्ता, भर्ती और छात्र की योग्यता पर निर्भर करती है।
योजना का लाभ छात्र तभी समझ सकता है जब उसे पता हो कि उसके संस्थान में कौन-सी सुविधा वास्तव में चालू है, उसके पाठ्यक्रम में क्या बदला और प्रशिक्षण के बाद कौन-से सत्यापित अवसर हैं।
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