PM धन-धान्य कृषि योजना (PMDDKY) का पहला साल 11 अक्टूबर 2026 को पूरा हुआ। इसका लक्ष्य देश के 100 ऐसे जिलों में खेती की कमियों को कम करना है जहां कम उत्पादकता, कम फसल तीव्रता या कृषि ऋण तक सीमित पहुंच जैसी चुनौतियां पहचानी गईं। सरकार के अनुसार सभी 100 जिलों ने जिला कार्ययोजना तैयार की है। योजना छह साल के लिए, वित्त वर्ष 2025-26 से मंजूर है। यह एक आवेदन पर तय रकम देने का वादा नहीं, बल्कि जिले की जरूरत के अनुसार कई कार्यक्रमों का तालमेल है।
यह योजना क्यों लाई गई?
हर जिले की खेती अलग है। कहीं सिंचाई बड़ी बाधा है, कहीं किसान एक ही फसल पर निर्भर हैं, कहीं कटाई के बाद उपज रखने की जगह कम है, और कहीं खेती के लिए ऋण हासिल करना कठिन है। PMDDKY का विचार है कि चुने हुए जिलों में स्थानीय आंकड़ों और जरूरतों के अनुसार योजना बनाई जाए।
केंद्र सरकार ने 16 जुलाई 2025 को इसे मंजूरी दी और प्रधानमंत्री ने 11 अक्टूबर 2025 को औपचारिक रूप से शुरू किया। नाम देखकर यह न मानें कि हर किसान को नया कार्ड, नकद सहायता या अपने आप अनुदान मिलेगा। यह जिला-आधारित विकास कार्यक्रम है, जिसमें केंद्रीय योजनाएं, राज्य की योजनाएं और निजी क्षेत्र की भागीदारी साथ लाई जा सकती है।
100 जिले कैसे चुने गए?
चयन के तीन प्रमुख संकेतक बताए गए हैं: कम कृषि उत्पादकता, कम फसल तीव्रता और कृषि ऋण का कम वितरण। इसके अलावा राज्यों में शुद्ध बोए गए क्षेत्र और परिचालित जोतों का हिस्सा भी देखा गया। सरकारी विवरण के अनुसार हर राज्य से कम से कम एक जिला चुना गया।
पहले यह पता करें कि आपका जिला सूची में है या नहीं। जिला प्रशासन, कृषि विभाग और योजना के आधिकारिक डैशबोर्ड से जानकारी लें। किसी संदेश में “जिला शामिल है, अभी फीस देकर पंजीकरण करें” लिखा हो तो पैसा भेजने से पहले विभाग से पुष्टि करें।
योजना के छह मुख्य लक्ष्य
1. उत्पादकता बढ़ाना: बेहतर बीज, खेती के तरीके और स्थानीय सलाह। 2. फसल विविधीकरण: एक ही फसल पर निर्भरता घटाना और टिकाऊ खेती को बढ़ावा देना। 3. कटाई के बाद भंडारण: पंचायत या ब्लॉक स्तर पर उपज संभालने की क्षमता। 4. सिंचाई सुधार: जिले की जरूरत के अनुसार सिंचाई ढांचे और पानी के उपयोग पर काम। 5. कृषि ऋण तक पहुंच: अल्पकालीन और दीर्घकालीन ऋण तक पहुंच बेहतर करना; मंजूरी फिर भी बैंक की शर्तों पर निर्भर है। 6. सेवा वितरण: योजनाओं की जानकारी और विभागों के बीच तालमेल बेहतर करना।
कौन-सा उपाय किस गांव में होगा, यह जिला कार्ययोजना पर निर्भर है। इसलिए “योजना में सिंचाई सुधार है” से यह न मानें कि आपके खेत तक तुरंत पाइप या सब्सिडी पहुंचेगी।
जिला कार्ययोजना कौन बनाता है?
जिला स्तर की Dhan-Dhaanya Krishi Yojana Samiti जिला कलेक्टर या जिलाधिकारी की अध्यक्षता में योजना तैयार करती है। राज्य स्तर की समिति, मुख्य सचिव की अध्यक्षता में, समीक्षा करती है। राष्ट्रीय स्तर पर कृषि मंत्री की अध्यक्षता वाली कार्यकारी समिति और विभाग के सचिव की अध्यक्षता वाली निगरानी समिति भी है।
योजना 11 मंत्रालयों और विभागों की 36 केंद्रीय योजनाओं को राज्य योजनाओं तथा निजी भागीदारी के साथ जोड़ती है। किसान को लाभ किसी एक नए पोर्टल से ही आए, यह जरूरी नहीं। यदि जिला योजना में मौजूदा सिंचाई, बीज, भंडारण या कृषि विस्तार कार्यक्रम जोड़ा गया है, तो उसी योजना की पात्रता और आवेदन नियम लागू होंगे।
पहले साल की प्रगति के आंकड़े कैसे पढ़ें?
इससे जुड़ी जानकारी के लिए दालों में आत्मनिर्भरता मिशन: किसान को MSP कैसे मिलेगा और दाम पर क्या असर पड़ेगा भी पढ़ें।
PIB की 10 अक्टूबर 2026 की रिपोर्ट के अनुसार सभी 100 जिलों की कार्ययोजनाएं तैयार हैं। प्रगति 36 योजनाओं से जुड़े 121 संकेतकों से देखी जाती है: 74 आउटपुट और 47 आउटकम संकेतक। मासिक रैंकिंग डैशबोर्ड पर प्रकाशित की जाती है।
रिपोर्ट में छह उद्देश्यों पर जिलों का औसत स्कोर अप्रैल 2026 के 18.85 से अगस्त में 46.89 होने की बात कही गई। यह सरकारी निगरानी आंकड़ा है। स्कोर बढ़ना गतिविधि या दर्ज प्रगति का संकेत हो सकता है, लेकिन इससे यह साबित नहीं होता कि हर किसान की आय बढ़ी या उत्पादन में समान सुधार आया। मौसम, फसल, बाजार और जिले के अनुसार नतीजे अलग हो सकते हैं।
किसान अपने जिले के लिए क्या कर सकता है?
जिला कृषि अधिकारी, कृषि विज्ञान केंद्र (KVK), ब्लॉक कृषि कार्यालय या ग्राम कृषि सहायक से पूछें कि आपके क्षेत्र में किस कार्यक्रम को PMDDKY योजना से जोड़ा गया है। कार्यक्रम का नाम, पात्रता, जरूरी दस्तावेज, आधिकारिक आवेदन और समय सीमा लिखित में लें। यदि सहायता सिंचाई उपकरण, बीज या भंडारण की है, तो यह भी पूछें कि राशि किस योजना से आएगी और चयन कौन करेगा।
अपने खेत का रिकॉर्ड, भूमि दस्तावेज, बैंक खाता और किसान पंजीकरण सही रखें, लेकिन संवेदनशील जानकारी अनजान व्यक्ति को न भेजें। किसी एजेंट द्वारा “100 जिलों की सूची में नाम जुड़वाने” के लिए फीस मांगे जाने पर कृषि विभाग से पुष्टि करें। PM-Kisan भुगतान और eKYC जांचने की गाइड अलग योजना से संबंधित है; PMDDKY में शामिल होना PM-Kisan पात्रता का विकल्प नहीं है।
क्या योजना से आय तुरंत बढ़ेगी?
सरकारी उद्देश्य उत्पादकता, विविधीकरण, भंडारण, सिंचाई और ऋण पहुंच सुधारना है। ये आय पर असर डाल सकते हैं, पर असर तुरंत या सभी किसानों के लिए समान नहीं होता। बेहतर उपज के बावजूद बाजार भाव कम हो सकता है। भंडारण होने पर भी खरीदार और परिवहन की जरूरत रहती है। कोई लक्ष्य परिणाम की गारंटी नहीं होता।
जिले में कौन-सा काम पूरा हुआ, कितने गांव कवर हुए, सुविधा चालू है या नहीं और किसानों तक लाभ पहुंचा या नहीं—इन सवालों से प्रगति जांचें। घोषणा पढ़ने के बजाय जिला कृषि कार्यालय से लागू गतिविधि पूछना ज्यादा उपयोगी है।
आम सवाल
क्या हर किसान ऑनलाइन आवेदन कर सकता है? PMDDKY मुख्य रूप से 100 चयनित जिलों में जिला योजनाओं के तालमेल पर आधारित है। कोई व्यक्तिगत आवेदन उपलब्ध है या नहीं, यह संबंधित कार्यक्रम और जिला कार्यालय से पूछें।
क्या यह सीधे नकद देने वाली योजना है? सरकारी विवरण इसे जिला विकास और योजनाओं के अभिसरण के रूप में बताता है। इसे सभी किसानों को तय रकम देने वाली योजना न समझें।
अपना जिला कहां जांचें? कृषि विभाग, जिला प्रशासन या आधिकारिक PM-DDKY डैशबोर्ड देखें। सोशल मीडिया लिंक से आधार, बैंक OTP या फीस साझा न करें।
शिकायत कहां करें? पहले संबंधित कृषि विभाग या जिला प्रशासन से लिखित जवाब लें। आवेदन नंबर और दस्तावेज संभालें। वित्तीय धोखाधड़ी हो तो बैंक और साइबर अपराध हेल्पलाइन से तुरंत संपर्क करें।
योजना की सफलता बड़े लक्ष्य से नहीं, जिले में हुए बदलाव से मापी जाएगी: क्या किसानों को जानकारी मिली, सुविधा बनी और उपयोग में है, और लाभ का प्रमाण उपलब्ध है।
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