भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) द्वारा संचालित नेशनल स्कॉलरशिप पोर्टल (National Scholarship Portal - NSP) देश के करोड़ों आर्थिक रूप से कमजोर, मेधावी, अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST), अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC), अल्पसंख्यक (Minority) और दिव्यांग (PwD) छात्र-छात्राओं के लिए शिक्षा का सबसे सशक्त डिजिटल माध्यम है। आर्थिक तंगी के कारण किसी भी होनहार विद्यार्थी की पढ़ाई बीच में न छूटे, इसी विजन के साथ केंद्र सरकार के एक दर्जन से अधिक मंत्रालय अपनी सभी प्रमुख छात्रवृत्ति योजनाओं को इसी एक एकीकृत मंच से संचालित करते हैं। पहले जहां छात्रों को अलग-अलग विभागों और दफ्तरों के चक्कर काटने पड़ते थे, वहीं अब राष्ट्रीय छात्रवृत्ति पोर्टल ने पूरी व्यवस्था को सिंगल-विंडो सिस्टम में बदल दिया है। सत्र 2026-27 के लिए एनएसपी पोर्टल पर वन-टाइम रजिस्ट्रेशन (NSP OTR) और बायोमीट्रिक ई-केवाईसी (Biometric e-KYC) अनिवार्य कर दी गई है, जिससे बिचौलियों और फर्जी आवेदनों पर पूरी तरह रोक लग चुकी है। यदि आप कक्षा 1 से 10वीं तक के स्कूली छात्र हैं, 11वीं-12वीं में अध्ययनरत हैं, अथवा स्नातक (Graduation), परास्नातक (Post Graduation), आईटीआई, पॉलिटेक्निक, बीटेक, एमबीबीएस या पीएचडी कर रहे हैं, तो आधिकारिक [National Scholarship Portal](https://scholarships.gov.in/) पर आपके लिए छात्रवृत्ति के अनेक अवसर मौजूद हैं। इस व्यापक महा-गाइड में हम पात्रता, योजनाओं के वर्गीकरण, ओटीआर पंजीकरण, जरूरी दस्तावेजों, संस्थान सत्यापन और पीएफएमएस भुगतान ट्रैकिंग की संपूर्ण जानकारी साझा कर रहे हैं।
1. नेशनल स्कॉलरशिप पोर्टल (NSP) की प्रमुख योजनाएं और श्रेणियां एनएसपी पोर्टल पर उपलब्ध छात्रवृत्ति योजनाओं को मुख्य रूप से तीन बड़े वर्गों में विभाजित किया गया है, ताकि प्रत्येक छात्र अपनी योग्यता और अध्ययन स्तर के अनुसार सही योजना का चयन कर सके:
- केंद्रीय योजनाएं (Central Schemes): इसमें सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय, जनजातीय कार्य मंत्रालय, अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय, स्कूल शिक्षा एवं साक्षरता विभाग, और उच्चतर शिक्षा विभाग की योजनाएं शामिल हैं। उदाहरण के लिए, कॉलेज और विश्वविद्यालय के छात्रों के लिए सेंट्रल सेक्टर स्कीम (CSSS), नेशनल मीन्स-कम-मेरिट स्कॉलरशिप (NMMSS), और टॉप क्लास एजुकेशन स्कीम इसके तहत आती हैं। - यूजीसी और एआईसीटीई योजनाएं (UGC / AICTE Schemes): तकनीकी और व्यावसायिक शिक्षा ग्रहण करने वाले छात्रों के लिए अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद द्वारा प्रगति स्कॉलरशिप (छात्राओं के लिए), सक्षम स्कॉलरशिप (दिव्यांग छात्रों के लिए), और स्वनाथ स्कॉलरशिप योजनाएं चलाई जाती हैं। यूजीसी द्वारा ईशान उदय स्पेशल स्कॉलरशिप (पूर्वोत्तर क्षेत्र के छात्रों के लिए) और सिंगल गर्ल चाइल्ड पीजी स्कॉलरशिप दी जाती है। - राज्य योजनाएं (State Schemes): विभिन्न राज्य सरकारें अपने राज्य के मूल निवासी छात्रों के लिए विशेष पोस्ट-मैट्रिक और मेरिट आधारित छात्रवृत्तियां एनएसपी पोर्टल के जरिए ही सीधे वितरित करती हैं।
2. प्री-मैट्रिक और पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति में क्या अंतर है? आवेदन करते समय छात्रों को सबसे पहले अपनी श्रेणी स्पष्ट रूप से समझनी होती है:
- प्री-मैट्रिक छात्रवृत्ति (Pre-Matric Scholarship): यह कक्षा 1 से लेकर कक्षा 10वीं तक के विद्यार्थियों के लिए होती है। इसका प्राथमिक उद्देश्य गरीब परिवारों के बच्चों में स्कूल छोड़ने (Dropout Rate) की दर को कम करना और बुनियादी स्कूली शिक्षा पूरी कराना है। इसमें ट्यूशन फीस, किताबों का खर्च और मासिक रखरखाव भत्ता (Maintenance Allowance) प्रदान किया जाता है। - पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति (Post-Matric Scholarship): यह कक्षा 10वीं पास करने के बाद आगे की पढ़ाई करने वाले सभी छात्रों के लिए होती है, जिसमें 11वीं, 12वीं, डिप्लोमा, स्नातक, स्नातकोत्तर और डॉक्टरेट स्तर की पढ़ाई शामिल है। इसमें कॉलेज की गैर-वापसी योग्य अनिवार्य फीस (Non-Refundable Fees) की पूरी प्रतिपूर्ति की जाती है और साथ ही डे स्कॉलर तथा हॉस्टलर छात्रों को प्रतिवर्ष 15,000 रुपये से लेकर 1,20,000 रुपये तक का आकस्मिक व रख-रखाव अनुदान सीधे बैंक खाते में दिया जाता है। - मेरिट-कम-मीन्स छात्रवृत्ति (Merit-cum-Means Scholarship): यह प्रोफेशनल और टेक्निकल कोर्सेज (जैसे बीटेक, एमबीबीएस, एमबीए, एलएलबी) में दाखिला लेने वाले उन मेधावी छात्रों को दी जाती है जिनके पारिवारिक आय के साधन सीमित हैं।
3. पात्रता मानदंड: कौन-कौन कर सकता है ऑनलाइन आवेदन? एनएसपी पोर्टल पर छात्रवृत्ति पाने के लिए आवेदक को निम्नलिखित सामान्य और विशिष्ट शर्तें पूरी करनी होती हैं:
- शैक्षणिक योग्यता: छात्र ने अपनी पिछली अंतिम परीक्षा न्यूनतम 50% से 60% अंकों के साथ उत्तीर्ण की हो (योजना अनुसार प्रतिशत में छूट संभव है)। - पारिवारिक वार्षिक आय सीमा: प्री-मैट्रिक योजनाओं के लिए परिवार की सभी स्रोतों से कुल वार्षिक आय 1.00 लाख से 2.50 लाख रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए। पोस्ट-मैट्रिक योजनाओं के लिए सामान्यतः आय सीमा 2.50 लाख रुपये और केंद्रीय क्षेत्र की कॉलेज योजनाओं के लिए 4.50 लाख रुपये वार्षिक तय की गई है। - मान्यता प्राप्त संस्थान में नियमित अध्ययन: छात्र किसी मान्यता प्राप्त स्कूल, कॉलेज, विश्वविद्यालय या तकनीकी संस्थान में नियमित (Regular/Full-Time) छात्र के रूप में नामांकित होना चाहिए। दूरस्थ शिक्षा (Distance Education) के लिए केवल चुनिंदा योजनाएं ही मान्य हैं। - एक छात्र, एक छात्रवृत्ति नियम: कोई भी विद्यार्थी एक ही शैक्षणिक वर्ष में केंद्र या राज्य सरकार की एक से अधिक छात्रवृत्ति का लाभ नहीं ले सकता। यदि एक से अधिक योजनाओं में फॉर्म भरा जाता है, तो सभी आवेदन निरस्त किए जा सकते हैं।
4. सत्र 2026-27 के लिए NSP One-Time Registration (OTR) और आधार ई-केवाईसी शिक्षा मंत्रालय ने पोर्टल पर बार-बार पूरा डेटा भरने के झंझट से मुक्ति दिलाने के लिए वन-टाइम रजिस्ट्रेशन (OTR) अनिवार्य कर दिया है:
- OTR क्या है? यह एक 14 अंकों की विशिष्ट पहचान संख्या है जो छात्र के पूरे शैक्षणिक जीवन में मान्य रहती है। - आधार फेस ऑथेंटिकेशन (Aadhaar FaceRD): अब छात्रों को साइबर कैफे जाने की जरूरत नहीं है। गूगल प्ले स्टोर से NSP OTR ऐप और यूआईडीएआई का आधार फेस आरडी ऐप डाउनलोड करके छात्र अपने मोबाइल कैमरे के सामने पलकें झपकाकर 2 मिनट में ई-केवाईसी पूरी कर सकते हैं। - जिन छात्रों के पास आधार कार्ड नहीं है या जिनका बायोमीट्रिक मिसमैच हो रहा है, वे अपने स्कूल के प्रधानाचार्य या नोडल अधिकारी के बायोमीट्रिक सत्यापन के माध्यम से वैकल्पिक ई-केवाईसी करा सकते हैं।
5. आवेदन के लिए आवश्यक दस्तावेजों की पूरी चेकलिस्ट ऑनलाइन फॉर्म भरने से पहले इन सभी मूल दस्तावेजों की स्पष्ट डिजिटल कॉपी (PDF या JPEG, 200KB से कम) तैयार रखें:
- छात्र का नवीनतम पासपोर्ट साइज रंगीन फोटो - सक्षम राजस्व अधिकारी (तहसीलदार/एसडीएम) द्वारा जारी वैध आय प्रमाण पत्र (Income Certificate), जो छात्र के पिता या अभिभावक के नाम पर हो - सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी जाति प्रमाण पत्र (SC/ST/OBC छात्रों के लिए) - स्थायी निवास प्रमाण पत्र (Domicile/Residential Certificate) - पिछली उत्तीर्ण कक्षा की मूल अंकतालिका (Marksheet) - वर्तमान शैक्षणिक सत्र की फीस रसीद (Current Course Fee Receipt) - संस्थान के लेटरहेड पर प्रधानाचार्य द्वारा हस्ताक्षरित बोनाफाइड स्टूडेंट सर्टिफिकेट (Bonafide Certificate) - बैंक पासबुक की प्रति (बैंक खाता छात्र के नाम पर होना चाहिए और आधार से डीबीटी इनेबल्ड होना चाहिए) - दिव्यांग छात्रों के लिए सरकारी अस्पताल द्वारा जारी 40% या अधिक का दिव्यांगता प्रमाण पत्र (Disability Certificate)
6. scholarships.gov.in पर ऑनलाइन आवेदन की स्टेप-बाय-स्टेप प्रक्रिया 1. आधिकारिक वेबसाइट [National Scholarship Portal](https://scholarships.gov.in/) पर जाएं और होम पेज पर 'Student Section' में जाएं। 2. यदि आप पहली बार आवेदन कर रहे हैं, तो 'Apply for OTR' पर क्लिक करें और आधार नंबर दर्ज करके ओटीपी या फेस स्कैन से OTR नंबर जनरेट करें। 3. इसके बाद 'Fresh Application' लिंक पर क्लिक करें और अपने OTR नंबर व पासवर्ड की मदद से लॉगिन करें। 4. स्क्रीन पर आपकी बुनियादी जानकारी आधार से लोड हो जाएगी। यहां अपने धर्म, समुदाय, पिता का नाम, वैवाहिक स्थिति और शारीरिक अक्षमता का विवरण भरें। 5. शैक्षणिक विवरण भरें: अपने स्कूल/कॉलेज का यूडाइस कोड (UDISE Code) या एआईएसएचई कोड (AISHE Code) दर्ज करके संस्थान का चयन करें, वर्तमान कक्षा, रोल नंबर और प्रवेश वर्ष भरें। 6. योजना चयन: आपके द्वारा भरी गई जाति, आय और शैक्षणिक योग्यता के आधार पर वे सभी छात्रवृत्ति योजनाएं स्क्रीन पर आ जाएंगी जिनके लिए आप पात्र हैं। अपनी इच्छित योजना पर टिक करें। 7. शुल्क विवरण और आवासीय स्थिति (डे स्कॉलर या हॉस्टलर) का चयन करें। 8. मांगे गए सभी दस्तावेजों को साफ-सुथरे तरीके से अपलोड करें। 9. 'Final Submit' करने से पहले पूरे फॉर्म का प्रीव्यू देखें। सबमिट करने के बाद आवेदन पत्र का प्रिंटआउट लें और सभी संलग्नकों के साथ अपने स्कूल/कॉलेज के छात्रवृत्ति नोडल अधिकारी के पास जमा करें।
7. स्कूल, कॉलेज और जिला स्तर पर सत्यापन (Verification Workflow) छात्र द्वारा फॉर्म सबमिट करने के बाद आवेदन की यात्रा तीन स्तरों पर आगे बढ़ती है:
- स्तर 1 (Institute Level - L1 Verification): आपके स्कूल या कॉलेज का इंस्टीट्यूट नोडल ऑफिसर (INO) छात्र के मूल दस्तावेजों, उपस्थिति पंजिका और फीस रसीद का भौतिक सत्यापन करके पोर्टल पर फॉर्म को अप्रूव करता है। - स्तर 2 (District / State Nodal Officer - L2 Verification): जिला समाज कल्याण अधिकारी या राज्य नोडल अधिकारी आय, जाति और निवास प्रमाण पत्रों के सरकारी डेटाबेस से मिलान करके द्वितीय स्तरीय मंजूरी देता है। - स्तर 3 (Ministry Merit List): मंत्रालय द्वारा निर्धारित बजट और कोटे के अनुसार योग्य छात्रों की अंतिम मेरिट लिस्ट जारी की जाती है।
8. फॉर्म डिफेक्टिव (Defective) होने पर क्या करें? सत्यापन के दौरान यदि नोडल अधिकारी को किसी दस्तावेज में अस्पष्टता मिलती है (जैसे आय प्रमाण पत्र की एक्सपायरी या गलत अंकतालिका), तो वे फॉर्म को 'Defective' मार्क कर देते हैं। ऐसी स्थिति में छात्र को एसएमएस द्वारा सूचित किया जाता है। छात्र को तुरंत अपने एनएसपी लॉगिन में जाना होता है, गलती को सुधारकर सही दस्तावेज दोबारा अपलोड करना होता है और पुनः सबमिट करना होता है। यदि छात्र समय सीमा के भीतर डिफेक्टिव फॉर्म सही नहीं करता, तो आवेदन हमेशा के लिए रिजेक्ट हो जाता है।
9. छात्रवृत्ति का पैसा बैंक खाते में कैसे आता है? PFMS ट्रैकिंग केंद्र सरकार की सभी छात्रवृत्तियां पब्लिक फाइनेंशियल मैनेजमेंट सिस्टम (PFMS) के माध्यम से डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) प्रणाली द्वारा भेजी जाती हैं:
- बैंक खाता आधार सीडेड होना जरूरी: बैंक खाता केवल आधार से लिंक होना काफी नहीं है, बल्कि एनपीसीआई (NPCI Mapper) पर आधार इनेबल्ड पेमेंट सिस्टम (AePS) और डीबीटी के लिए सीडेड (Seeded) होना अनिवार्य है। आप अपने बैंक में जाकर डीबीटी मैंडेट फॉर्म भरकर इसकी पुष्टि कर सकते हैं। - भुगतान स्थिति कैसे जांचें? छात्र पीएफएमएस के आधिकारिक पोर्टल (pfms.nic.in) पर जाकर 'Track NSP Payments' विकल्प में अपना बैंक नाम और बैंक खाता संख्या या एनएसपी एप्लीकेशन आईडी दर्ज करके देख सकते हैं कि उनका बिल किस चरण में है और राशि किस तारीख को खाते में ट्रांसफर हुई है।
10. छात्रवृत्ति आवेदन में होने वाली 5 सबसे बड़ी गलतियां और बचाव 1. गलत आय प्रमाण पत्र: इंटरनेट से निकाला गया बिना डिजिटल हस्ताक्षर वाला आय प्रमाण पत्र अपलोड न करें। हमेशा तहसीलदार द्वारा सत्यापित वैध प्रमाण पत्र ही लगाएं। 2. संयुक्त बैंक खाता (Joint Account): एनएसपी पर छात्र का स्वयं का एकल (Single) सक्रिय बचत खाता होना चाहिए। माता-पिता के साथ संयुक्त खाता होने पर भुगतान फेल हो जाता है। 3. गलत बैंक आईएफएससी कोड: बैंकों के विलय (Merger) के बाद बदले हुए नए आईएफएससी कोड का ही उपयोग करें। 4. संस्थान में हार्ड कॉपी जमा न करना: केवल ऑनलाइन फॉर्म भर देने से काम नहीं चलता, जब तक आप अपने कॉलेज में भौतिक दस्तावेज जमा नहीं करेंगे, आपका कॉलेज उसे आगे फॉरवर्ड नहीं करेगा। 5. अंतिम तिथि का इंतजार: अंतिम दिनों में सर्वर पर भारी ट्रैफिक के कारण पोर्टल धीमा हो जाता है, इसलिए विज्ञापन जारी होते ही पहले 15 दिनों में आवेदन पूरा कर लें।
11. एनएसपी छात्रवृत्ति 2026-27 से जुड़े सामान्य प्रश्न (FAQ) - प्रश्न 1: क्या एक छात्र दो अलग-अलग छात्रवृत्तियों के लिए आवेदन कर सकता है? उत्तर: नहीं, केंद्र सरकार के नियमों के अनुसार एक छात्र एक शैक्षणिक वर्ष में केवल एक ही सरकारी छात्रवृत्ति प्राप्त कर सकता है। दो योजनाओं में पाए जाने पर छात्रवृत्ति राशि की वसूली और कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
- प्रश्न 2: रिन्यूअल (Renewal) छात्रों को क्या दोबारा नया रजिस्ट्रेशन करना पड़ता है? उत्तर: नहीं, जिन छात्रों को पिछले वर्ष छात्रवृत्ति मिली थी, वे 'Apply for Renewal' लिंक पर जाकर अपने पुराने एप्लीकेशन आईडी और पासवर्ड से लॉगिन करते हैं और केवल चालू वर्ष की अंकतालिका और फीस रसीद अपलोड करके फॉर्म रिन्यू करते हैं।
- प्रश्न 3: क्या सामान्य वर्ग (General Category) के छात्रों को भी एनएसपी पर स्कॉलरशिप मिलती है? उत्तर: हां, शिक्षा मंत्रालय की सेंट्रल सेक्टर स्कीम (CSSS) और एनएमएमएसएस योजना में सामान्य वर्ग के आर्थिक रूप से कमजोर (EWS) और मेधावी छात्र भी पूरी तरह पात्र होते हैं।




